गद्यांश के अनुसार मनुष्य के पतन का कारण है :
- (1) बुरी आदतें
- (2) भूल
- (3) आलस्य
- (4) घमंड
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए। (91-99)
अहंकार में इंसान के चरित्र को पतन की ओर ले जाने वाली प्रवृत्तियाँ हैं। प्रत्येक व्यक्ति को अहं भाव का त्याग कर समभाव और सद्भाव से जीवन जीने का प्रयत्न करना चाहिए। अगर कोई अपने आपको सर्वश्रेष्ठ मानता है तो यह उसकी सबसे बड़ी भूल है क्योंकि दुनिया में हर किसी से बड़ा कोई न कोई अवश्य होता है। सृष्टि के निर्माता ने ऐसा चक्र बनाया है कि कोई भी अपने आप को दुनिया में सर्वश्रेष्ठ नहीं समझ सकता। अगर समझता है तो यह उसकी सबसे बड़ी भूल है। भगवान बुद्ध के अनुसार दिखावा और घमंड अच्छे प्रयोजन से किए गए कार्यों को भी मलिन कर देते हैं। इसकी वजह से हमारा मान-सम्मान कम हो जाता है। अगर मन को शांत रखना है तो घमंड से बचना चाहिए।
गद्यांश के अनुसार मनुष्य के पतन का कारण है :
CBSE answer: (4)
उत्तर: (4) घमंड
सावधानी: (2) 'भूल' शब्द गद्यांश में आया है, पर वह स्वयं को सर्वश्रेष्ठ मानने के लिए कहा गया है, पतन के कारण के लिए नहीं।