Q103
‘सीमित पग’ प्रतीक है -
- (1) संकरे मार्ग का
- (2) सीमित मित्रों का
- (3) सीमित संसाधनों का
- (4) सीमित रास्ते का
नीचे दी गई कविता की पंक्तियों को पढ़कर सबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए। (100-105)
जीवन अस्थिर अनजाने ही,
हो जाता पथ पर मेल कहीं,
सीमित पग डग, लंबी मंज़िल,
तय कर लेना कुछ खेल नहीं।
दाएँ-बाएँ सुख-दुख चलते,
सम्मुख चलता पथ का प्रसाद,
जिस-जिस से पथ पर स्नेह मिला,
उस-उस राही को धन्यवाद।
‘सीमित पग’ प्रतीक है -
CBSE answer: (3)
उत्तर: (3) सीमित संसाधनों का
सावधानी: (1) और (4) रास्ते की बात करते हैं, जबकि कविता में रास्ता नहीं बल्कि मंज़िल 'लंबी' है।