‘बहुत दूर है’, वाक्य में ‘दूर’ है
- (1) संज्ञा
- (2) विशेषण
- (3) क्रिया
- (4) क्रिया-विशेषण
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं॰ 91–99) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
विद्यालय के लिए एक प्रचलित शब्द है ‘पाठशाला’ और दूसरा प्रचलित शब्द है ‘विद्याशाला’। दोनों शब्दों का स्थान लगभग सभी प्रदेशों में स्कूल ने ही ले लिया है। स्कूल की अवधारणा में यह निहित था कि स्कूल का एक अहाता होता है और उसकी एक कच्ची-पक्की इमारत होती है। यह अलग बात है कि यह इमारत बालकों के निवास से बहुत दूर है कि करीब, इसकी ओर ध्यान देना सरकारी व्यवस्था में कतई जरूरी नहीं समझा गया था। मौसम चाहे कैसा भी हो बच्चे बस्ता लेकर दूर-दूर तक पैदल चलते आज भी देखे जा सकते हैं। उनके कंधों पर लटके बस्ते खुद ही बोल जाते हैं कि वे स्कूल जा रहे हैं।
स्कूलों से कॉलेज हो गए और कॉलेजों से विश्वविद्यालय हो गए और दूसरी कई बड़ी-बड़ी शिक्षण संस्थाएँ हो गयीं। यह विश्वास दिन-ब-दिन हम सबके मन में जड़ होता गया है कि शिक्षण संस्थाएँ अथवा पाठशालाएँ ही विद्या पाने के स्थान हैं। ऐसी स्थिति में हम भूल गए हैं कि शिक्षण की सबसे बड़ी संस्था ‘लोकशाला’ है।
हम यह बुनियादी बात भूल गए हैं कि ‘लोक’ शिक्षा का सबसे बड़ा साधन है। लोक में लोक के जीवनानुभव भी समाहित हैं और लोक-मेधा एवं लोक-मनीषा की सदियों पुरानी थाती भी समाहित है। लोक-शिल्प और लोक के हाथ का हुनर या कौशल भी इसमें समाहित हैं। आज भी शायद ही कोई ऐसी शाला हो, जो सुनार का काम सिखाती हो या मोची की तरह जूते बनाना सिखाती हो।
‘बहुत दूर है’, वाक्य में ‘दूर’ है
CBSE answer: (4)
उत्तर: (4) क्रिया-विशेषण
सावधानी: ‘है’ के साथ आने से ‘दूर’ विधेय विशेषण जैसा भी लग सकता है, पर पाठ्यपुस्तकों में इसे स्थानवाचक क्रिया-विशेषण ही पढ़ाया जाता है।