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CTET 7 Feb 2026 Paper 1 Hindi, Question 95

Topic: Reading comprehension

Passage

निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं॰ 91–99) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :

विद्यालय के लिए एक प्रचलित शब्द है ‘पाठशाला’ और दूसरा प्रचलित शब्द है ‘विद्याशाला’। दोनों शब्दों का स्थान लगभग सभी प्रदेशों में स्कूल ने ही ले लिया है। स्कूल की अवधारणा में यह निहित था कि स्कूल का एक अहाता होता है और उसकी एक कच्ची-पक्की इमारत होती है। यह अलग बात है कि यह इमारत बालकों के निवास से बहुत दूर है कि करीब, इसकी ओर ध्यान देना सरकारी व्यवस्था में कतई जरूरी नहीं समझा गया था। मौसम चाहे कैसा भी हो बच्चे बस्ता लेकर दूर-दूर तक पैदल चलते आज भी देखे जा सकते हैं। उनके कंधों पर लटके बस्ते खुद ही बोल जाते हैं कि वे स्कूल जा रहे हैं।

स्कूलों से कॉलेज हो गए और कॉलेजों से विश्वविद्यालय हो गए और दूसरी कई बड़ी-बड़ी शिक्षण संस्थाएँ हो गयीं। यह विश्वास दिन-ब-दिन हम सबके मन में जड़ होता गया है कि शिक्षण संस्थाएँ अथवा पाठशालाएँ ही विद्या पाने के स्थान हैं। ऐसी स्थिति में हम भूल गए हैं कि शिक्षण की सबसे बड़ी संस्था ‘लोकशाला’ है।

हम यह बुनियादी बात भूल गए हैं कि ‘लोक’ शिक्षा का सबसे बड़ा साधन है। लोक में लोक के जीवनानुभव भी समाहित हैं और लोक-मेधा एवं लोक-मनीषा की सदियों पुरानी थाती भी समाहित है। लोक-शिल्प और लोक के हाथ का हुनर या कौशल भी इसमें समाहित हैं। आज भी शायद ही कोई ऐसी शाला हो, जो सुनार का काम सिखाती हो या मोची की तरह जूते बनाना सिखाती हो।

Q95

लोकशाला में हम नहीं सीख सकते

  1. (1) सुनार-कर्म
  2. (2) लोक-शिल्प
  3. (3) पुस्तक वाचनCorrect answer
  4. (4) हाथ का हुनर

Solution.

CBSE answer: (3)

उत्तर: (3) पुस्तक वाचन

  1. गद्यांश के अनुसार लोकशाला में लोक-शिल्प, हाथ का हुनर और सुनार या मोची जैसे काम सीखे जाते हैं।
  2. ये सब अनुभव और कौशल से सीखे जाते हैं, किताबों से नहीं।
  3. पुस्तक पढ़ना औपचारिक पाठशाला से जुड़ा है, इसलिए लोकशाला के संदर्भ में यह उत्तर है।