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CTET 1 मार्च 2026 पेपर 1, प्रश्न 85

विषय: पर्यावरण अध्ययन का शिक्षणशास्त्र

प्रश्न 85

पर्यावरण अध्ययन की पाठ्यचर्या को बहुत अधिक समृद्ध और रचनात्मक केवल तभी बनाया जा सकता है जब यह मूर्त से अमूर्त की ओर के सिद्धांत पर आधारित हो । निम्नलिखित में से क्या पर्यावरण अध्ययन को सीखने के संदर्भ में मूर्त से अमूर्त के सिद्धांत को इंगित कर रहा है ?
(i) कक्षा के ज्ञान को बच्चों के अपने जीवन अनुभव से जोड़ा जाए ।
(ii) सबसे पहले बच्चे के प्राकृतिक और सामाजिक वातावरण की व्याख्या की जानी चाहिए ।
(iii) बच्चे के प्राकृतिक वातावरण के संरक्षण की आवश्यकता पर ज़ोर दिया जाए ।
(iv) बच्चों के ज्ञान निर्माण में बच्चों की सहभागिता पर बल दिया जाए ।
सही विकल्प चुनिए :

  1. (1) (i) और (iv)सही उत्तर
  2. (2) केवल (i)
  3. (3) केवल (ii)
  4. (4) (ii) और (iii)

हल.

CBSE उत्तर: (1)

उत्तर: (1) (i) और (iv)

  1. मूर्त से अमूर्त का अर्थ है बच्चे के देखे, छुए और किए अनुभव से शुरू करना और फिर सामान्य विचारों तक जाना।
  2. (i) कक्षा के ज्ञान को बच्चे के अपने जीवन अनुभव से जोड़ता है; यही मूर्त शुरुआत है।
  3. (iv) में बच्चे करके, देखकर और चर्चा करके ज्ञान निर्माण में भाग लेते हैं; मूर्त अनुभव ही अवधारणा बनता है।
  4. (iii) संरक्षण का मूल्य है, सीखने का क्रम नहीं।

सावधानी: (ii) में परिवेश की 'व्याख्या' पहले करने की बात है; शिक्षक का समझाना बताना है, बच्चे का अपना मूर्त अनुभव नहीं।