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CTET 1 मार्च 2026 पेपर 1, प्रश्न 3

विषय: कोलबर्ग

प्रश्न 3

कोहलबर्ग के नैतिक तर्क के किस स्तर पर बच्चे आमतौर पर दूसरों व समाज द्वारा निर्धारित नियमों को पूरी तरह से नहीं समझते हैं ?

  1. (1) उत्तर-संक्रियात्मक स्तर
  2. (2) पूर्व-पारंपरिक स्तरसही उत्तर
  3. (3) पारंपरिक स्तर
  4. (4) पूर्व-संक्रियात्मक स्तर

हल.

CBSE उत्तर: (2)

उत्तर: (2) पूर्व-पारंपरिक स्तर

  1. पूर्व-पारंपरिक स्तर पर बच्चे सही-ग़लत का निर्णय दंड और पुरस्कार के आधार पर करते हैं, सामाजिक नियमों की समझ से नहीं।
  2. वे दूसरों के बनाए नियम केवल सज़ा से बचने या लाभ पाने के लिए मानते हैं, उनका कारण नहीं समझते।
  3. पारंपरिक स्तर पर बच्चे परिवार और समाज के नियमों को समझने और निभाने लगते हैं।

सावधानी: (1) और (4) कोहलबर्ग के स्तर नहीं हैं; पूर्व-संक्रियात्मक पियाज़े की अवस्था है।