आध्यात्मिक चेतना से जुड़ने पर मनुष्य दूसरों से व्यवहार करता है :
- (1) प्रेम और विद्वेष का
- (2) प्रेम और आदर का
- (3) प्रेम और समानता का
- (4) प्रेम और स्नेह का
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 144 से 150 ) में सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।
जब हम आध्यात्मिक चेतना से जुड़ते हैं, तब हमारे अंदर एक बहुत बड़ा बदलाव आता है । हम दूसरों के साथ प्रेम और सम्मान के साथ व्यवहार करना शुरू कर देते हैं । हमारा अहंकार कम हो जाता है और हम महसूस करते हैं कि आत्मा के स्तर पर हम सभी एकसमान हैं । हम सबसे प्यार करने लग जाते हैं । हम दूसरों के साथ वैसा ही व्यवहार करते हैं जैसा हम चाहते हैं कि लोग हमारे साथ करें । जब हम अपना द्वैत भाव खो देते हैं, तो हम परमात्मा के साथ एक हो जाते हैं । हम अनुभव करते हैं कि केवल एक ही परमात्मा है जो कई हिस्सों में विभाजित है ।
यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने अंदर इस अनुभूति को प्राप्त कर लेता है कि एक जमा एक बराबर एक होता है, तो यह दुनिया एक दिन शांति और प्रेम का स्थल बन जाएगी ।
आध्यात्मिक चेतना से जुड़ने पर मनुष्य दूसरों से व्यवहार करता है :
CBSE answer: (2)
उत्तर: (2) प्रेम और आदर का
सावधानी: (3) 'समानता' गद्यांश में अनुभूति के रूप में है, व्यवहार के रूप में नहीं; (1) में 'विद्वेष' उलटा भाव है।