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CTET 8 Feb 2026 Paper 1 Hindi, Question 131

Topic: Reading comprehension

Passage

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए। (129-135)
इन दिनों फिर से हिंदी बनाम स्थानीय भाषाओं को लेकर शोर मचा है। इसमें कुछ चीजें समझने वाली हैं। सबसे पहले तो यही कि हिंदी हमारी मातृभाषा जरूर है, लेकिन कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल समेत अन्य प्रांत में जन्म लेने वाले व्यक्ति के लिए यह मातृभाषा नहीं हो सकती। जितना प्रेम हमें हिंदी से है, उतना ही प्रेम पंजाब में जन्मे व्यक्ति को पंजाबी से होगा, कर्नाटक में जन्मे शख्स को कन्नड़ से होगा, तमिलनाडु में जन्मे व्यक्ति को तमिल से होगा। हिंदी राजभाषा है, उसका सम्मान सर्वोपरि है, मगर हमें यह भी ध्यान देना होगा कि हिंदी का सम्मान करने के अति उत्साह में कहीं हम अन्य भाषाओं का अपमान तो नहीं कर रहे? जैसे हमारी माता, वैसे ही सबकी माता। हिंदी हमारी मातृभाषा है, तो कन्नड़, तमिल, मलयालम, तेलुगु भी किसी न किसी की मातृभाषा है। हिन्दुस्तान हमारा राष्ट्र है, हिंदी इसकी एक प्रमुख भाषा, लेकिन तमिल, कन्नड़, पंजाबी, तेलुगु, मलयालम आदि भी इसी राष्ट्र में बोली जाने वाली भाषाएँ हैं, जिनका बराबर सम्मान होना चाहिए। तभी हम गर्व से कह पाएँगे कि अनेकता में एकता हमारी सभ्यता है।

Q131

‘अनेकता में एकता हमारी सभ्यता है।’ वाक्य से आशय है :

  1. (1) विविधता ही किसी राष्ट्र की पहचान होती है
  2. (2) विविधता से ही समरसता आती है
  3. (3) विविधता होते हुए भी हम सब एक हैंCorrect answer
  4. (4) विविधता में एकता पुरानी बात हो गई है

Solution.

CBSE answer: (3)

उत्तर: (3) विविधता होते हुए भी हम सब एक हैं

  1. ‘अनेकता में एकता’ का अर्थ है कि भाषा, प्रांत और संस्कृति अलग-अलग होने पर भी हम एक राष्ट्र हैं।
  2. गद्यांश सभी भाषाओं के बराबर सम्मान के बाद यही निष्कर्ष देता है।

सावधानी: (1) और (2) केवल विविधता पर ज़ोर देते हैं, एकता पर नहीं; (4) लेखक की भावना के उलटा है।