By signing in you confirm you are 18 or older, or have your parent’s or guardian’s consent.

CTET 7 Feb 2026 Paper 1 Hindi, Question 128

Topic: Reading comprehension

Passage

निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं॰ 121–128) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :

चिंपैंजी की बुद्धिशक्ति पर वैज्ञानिकों को भी कभी संदेह नहीं रहा। जिन लोगों ने घर पर चिंपैंजी पाले हैं, उन्होंने देखा है कि जन्म के बाद दो-एक वर्षों में चिंपैंजी के बच्चे मानव-शिशुओं से अधिक तेजी से नयी बातें सीख जाते हैं। हाँ, जब मानव-शिशु बोलना सीख जाता है, वह चिंपैंजी से तेजी से आगे निकलने लगता है।

सूँस और चिंपैंजी की बुद्धिशक्ति की तुलना करना अति कठिन है, क्योंकि इस तरह के दो अत्यंत भिन्न जीवों पर तुलनात्मक प्रयोग कर पाना लगभग असम्भव होता है। इसी तरह की कठिनाइयाँ इसी तरह के अन्य प्रयोगों में भी आती हैं। उदाहरण के लिए, भूल-भुलैया में सही मार्ग खोज निकालना तथा मेज पर रखी तीन वस्तुओं में अटपटी वस्तु को चुन निकालना एक-सी बुद्धिशक्ति के प्रमाण हैं।

एक बात से प्रायः सभी विज्ञानी सहमत हैं कि पशुओं में स्तनपायियों का बुद्धिमत्ता पर लगभग एकाधिकार है। औजारों का प्रयोग करना भी बुद्धिमानी का एक चिह्न है। गालापगोस द्वीप का कठफोड़वा कैक्टस की डंडी से वृक्षों की दरार अथवा छिद्र से कीड़े-मकोड़े निकालकर खाता है। कुछ लोग कौए और उसके भाईबंदों को भी बहुत नम्बर देते हैं। शिकारी की बंदूक की पहुँच से दूर रहने की कला कौआ बखूबी जानता है। और कुछ वैज्ञानिकों का यह खयाल है कि काग और तोते में मनुष्य की बोली के चंद शब्द सीखने की जो क्षमता है, वह केवल आनुवंशिक क्षमता नहीं, बल्कि बुद्धिशक्ति का प्रमाण है। कुछ लोग हाथी को सबसे बुद्धिमान जीव मानते हैं।

Q128

मानव शिशु बुद्धिमत्ता में चिंपैंजी के शिशु से कब आगे निकलता है?

  1. (1) जब वह पैदा होता है
  2. (2) जब वह लिखना सीख लेता है
  3. (3) जब वह बोलना सीख लेता हैCorrect answer
  4. (4) जब वह पैदल चलने लगता है

Solution.

CBSE answer: (3)

उत्तर: (3) जब वह बोलना सीख लेता है

  1. गद्यांश के पहले अनुच्छेद में लिखा है कि शुरू के एक-दो वर्षों में चिंपैंजी का बच्चा मानव-शिशु से तेज सीखता है।
  2. पर जब मानव-शिशु बोलना सीख जाता है, तब वह चिंपैंजी से आगे निकलने लगता है।
  3. लिखना या चलना सीखने की बात गद्यांश में नहीं है।