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CTET 1 Mar 2026 Paper 1 Hindi, Question 108

Topic: Reading comprehension

Passage

निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 106 से 114) में सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।

स्वामी दयानंद ने फर्रुखाबाद में गंगा के किनारे एक झोपड़ी में अपना डेरा डाल रखा था । एक प्रकार से वह एकांतवास कर रहे थे । कैलाश नाम के एक युवक की उन पर बड़ी श्रद्धा थी । वह स्वामीजी के दर्शन के लिए प्रतिदिन आता ।

एक दिन की बात है । झोपड़ी के अंदर आते ही वह बोला, ‘स्वामीजी, आज मैं आपके पास किसी खास काम से आया हूँ । बात यह है कि मेरे मन में रह-रहकर यह विचार उठता है कि इतनी साधना करने के बाद जब आप मोक्ष प्राप्त करने के अधिकारी हो गए हैं, फिर आप इस संसार की चिंता क्यों करते हैं ?’ प्रश्न सुनकर स्वामीजी मुस्करा दिए और बोले, ‘कैलाश । यह भी कोई प्रश्न है ? साफ-साफ दिखाई दे रहा है कि संसार में जहाँ-तहाँ अशांति है । यह संसार अश्रु सागर में डूब रहा है । दुखों की अग्नि में झुलस रहा है, अत्याचारों से त्रस्त है । भला मैं ऐसी स्थिति में उसे नजरअंदाज कैसे कर सकता हूँ ? मैंने केवल अपने मोक्ष प्राप्ति के लिए साधना नहीं की है । मैं मोक्ष प्राप्ति का इच्छुक नहीं हूँ और न ही शांतिपूर्वक मुक्ति चाहता हूँ ।’

उन्होंने कहा, ‘मैं मुक्त होऊँगा, तो सबको साथ लेकर अन्यथा मुझे मुक्ति नहीं चाहिए । जो लोग परमात्मा की इस कृति जनता से प्यार नहीं करते, वह कितनी भी साधना करे, उसे मोक्ष नहीं मिलेगी और न ही उसके मन को शांति मिलेगी ।’

Q108

स्वामीजी गंगा किनारे साधना कर रहे थे क्योंकि :

  1. (1) वे मोक्ष प्राप्त करना चाहते थे
  2. (2) वे जीवन से शांतिपूर्वक मुक्ति पाना चाहते थे
  3. (3) वे मोक्ष प्राप्ति में विश्वास नहीं रखते थे
  4. (4) वे स्वयं के साथ अन्यों को भी मोक्ष दिलाना चाहते थेCorrect answer

Solution.

CBSE answer: (4)

उत्तर: (4) वे स्वयं के साथ अन्यों को भी मोक्ष दिलाना चाहते थे

  1. स्वामीजी कहते हैं कि उन्होंने केवल अपने मोक्ष के लिए साधना नहीं की।
  2. वे कहते हैं, ‘मैं मुक्त होऊँगा, तो सबको साथ लेकर’।
  3. वे अकेले मोक्ष और शांतिपूर्वक मुक्ति नहीं चाहते, इसलिए (1) और (2) गलत हैं।

सावधानी: वे मोक्ष के इच्छुक नहीं थे, पर यह नहीं लिखा कि वे उसमें विश्वास नहीं रखते थे।